लकी राजीव की कहानी: मिस्टर एक्स, तुम मर क्यों नहीं जाते?
लकी राजीव की कहानियाँ मनुष्य के मन के कोने-अंतरों की पड़ताल हैं. उन्हें पढ़ते हुए एक सादा सा डर यह…
लकी राजीव की कहानियाँ मनुष्य के मन के कोने-अंतरों की पड़ताल हैं. उन्हें पढ़ते हुए एक सादा सा डर यह…
पुस्तक मेले जब आयोजित होने वाले होते हैं और खासकर दिल्ली पुस्तक मेला, तब हिन्दी प्रकाशन जगत में गज़ब की…
‘मैं’ ‘मैं’ मैं’ ‘मैं’ ‘मेरा’ फिर ‘मैं’ ‘मैं’ के शोर में डूबे काव्य-जगत के बीच राजू की इन कविताओं का…
सविता की कहानी ‘आवाज़ की लकीर’ दाम्पत्य और उसके माधुर्य की कहानी है. वह प्रेम जो गरीबी और दाम्पत्य के…
तनुज की कविता का ग्राफ ऊपर की दिशा में है. वक्त के इस खराबे में भी अगर कोई खूबसूरत बात…
पाण्डेयमोनियम पर यह आलेख डॉ. सुमन ने लिखा है. सुमन की आलोचना दृष्टि ध्यातव्य है. वे कला-इतिहास की विद्यार्थी रही…
अपनी प्यारी भाषा में एक चलन है कि जिसकी बात होती है फिर उसी की बात होती है. मसलन अमुक…
( अनुपम सिंह का कविता संकलन ‘मैंने गढ़ा है अपना पुरुष’ अपने प्रथम प्रकाशन के अवसर से चर्चित रहा है.…
यह प्रस्तुति मनोज रूपड़ा के उस पर्चे की है जिसे आधार बनाकर वे उस कार्यक्रम में अपना वक्तव्य रखने वाले…
कबीर संजय की कहानी ‘भूल-चक्र’ मित्रता के उस दायरे की कहानी है जिसमें पीछे छूट गए मित्र अचानक तब टकराते…