बात सुन मेरी बिटिया! / यानिस वाराफ़ाउकिस/ अनिल कुमार मिश्र
यानिस वाराफ़ाउकिस की किताब ‘टाकिंग टू माय डॉटर; ए ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ़ कैपिटलिज्म’ का अनुवाद अनिल कुमार मिश्र कर रहे…
यानिस वाराफ़ाउकिस की किताब ‘टाकिंग टू माय डॉटर; ए ब्रीफ़ हिस्ट्री ऑफ़ कैपिटलिज्म’ का अनुवाद अनिल कुमार मिश्र कर रहे…
उमर ख़ालिद हर भारतीय के जेहन में बसा हुआ नाम है. पिछले दो हजार दिनों से उमर जेल में हैं.…
वरिष्ठ कवि और रज़ा फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी अशोक वाजपेयी ‘शहर से संभावना’ ढूंढते रहते हैं. उनकी कविता पुस्तक ‘शहर…
उदय प्रकाश की एक कहानी है जिसमें एक बालक तरबूज के हरे और लाल को स्पष्ट देख पाता है क्योंकि…
वर्जिनी देपोंट का उपन्यास है: वेर्नों सुब्यूटेक्स 1. इसका प्रमुख पात्र वेर्नों सोशल मीडिया पर एक कमेन्ट कर भूल जाता…
(वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारेठ का पिछले दिनों देहांत हो गया। वे निमोनिया से पीड़ित थे और पाँच हफ़्तों से जयपुर…
प्रख्यात लेखक नासिरा शर्मा ने प्रस्तुत आलेख में उस अमेरिकी और यूरोपीय उतावलेपन की खबर ली है जिसमें अपने देश…
इस तरह की तमाम उथल पुथल के बीच पिता आ चुके हैं। शायद मैं उन्हें पहचान भी ना पाता अगर…
हर वर्ष मार्च की चौथी तारीख हिन्दी के सिरमौर कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की जयन्ती होती है. उन्हें याद करने के…
शिरीष की यह कविताएँ पौराणिकता के अचरज भरे शिल्प में आजाद हिन्दुस्तान के हालिया अतीत का बेहाल बयान हैं. यह…